सी.एम.सी हॉस्पिटल में विशव “दिव्यांग” दिवस पर बच्चों को मुफ्त कैलीपर (वॉकिंग ऐड) बांटे ,

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लुधियाना 4 दिसम्बर (सी एन आई ) देश में अनेक संस्थाए सामाजिक कार्य करते हुए जन सेवा कर रही है इसी सेवा के अन्तर्गत सी एम सी लुधियाना की और से भौतिक चिकित्सा और पुनर्वास (पी .एम्.आर) विभाग ने सयुक्त रूप से विशव अधरंग दिवस के अवसर पर   “रेहाब मेला-2017” डॉ. अब्राहम जी थॉमस (डायरेक्टर, सी.एम.सी) के नेतृत्व में एक समारोह का आयोजन किया गया
इस समारोह का मुख्य उद्देश्य “सभी के लिए टिकाऊ और स्तिथि-स्थापक समाज की ओर परिवर्तन “। के दौरान सैंकड़ो विद्यार्धी विकलांग और आये मेहमानो को सम्बोधित करते डॉ. अब्राहम जी थॉमस ने  विकलांगो के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए कहा की कि दिव्यांग बच्चे भी आम बच्चों की तरह ही है उन्होंने कहा कि यह बच्चे किसी से कम नहीं है यह बच्चे किसी भी मुकाम को हासिल करने की ताकत रखते हैं उन्होंने इन दिव्यांग बच्चों के अध्यापकों और माता पिता को कहा कि इन बच्चों पर खास तौर पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि ये बच्चे अपने आप को किसी से कम ना समझें ।
इस अवसर पर मुख्य मेहमान पहुंचे लुधियाना पूर्व के विधायक श्री संजीव तल्वार ने विकलांग,  व्यक्तियों में सुधार देख कर खुशी जाहिर करते शहर के लोगों को प्रदान की जाने वाली सभी सहायता के लिए सी.एम.सी अस्पताल के पी.एम.आर विभाग पर गर्व महसूस किया, इस अवसर पे विकलांग बच्चो ने रंगा-रंग कार्यक्रम भी प्रुस्तुत किया, जिनमे एस.एस .ए के छात्रों द्वारा कठपुतली शो, गिधा और भांगड़ा क्रिया गीतों सहित गतिविधियों की खूब सराहना की और अनेक  बच्चों को इस दिन मुफ्त कैलीपर (वॉकिंग ऐड) भी बांटे गए।
               इस उपलक्ष पे डॉ. संतोष मथांगी (एसोसिएट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष-PMR) ने कहा के विकलांगो के रहने के लिए हमें उपाए करने चाहिए जिससे के सभी अच्छे से इस दुनिया में रह सके | उन्होंने इस बात पे जोर दिया के सार्वजनिक स्थानो जैसे के ए.टी.एम्, बैंक्स, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बसों आदि को विकलांग अनुकूल बनाने की बहुत जरूरत  हैं  भारत में जनसंख्या का लगभग 10-15% (लगभग 10 करोड़) अक्षम या विकलांग हैं। करीब 400 पुनर्वास विशेषज्ञ (पी .एम्.आर विशेषज्ञ) भारत में हैं, जिनमे से सिर्फ 3 पंजाब में कार्यशील हैं | डॉ. संतोष के अनुसार काफी जर्रुँत हैं के ऐसे कदम उठाये जाये जिससे के पुनर्वास (PMR) को बढावा मिल सके |