देश के विकास मेें मजदूर और किसान व जवान की अहम भूमिका रही है -केन्द्रीय मंत्री डॉ. रामशंकर कटेरिया

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ग्वालियर२२नवम्बर २०१५ [सीएनआई ] केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री प्रोफेसर डॉ. रामशंकर कटेरिया ने मुख्य अतिथि बतौर सीमा सुरक्षा बल के 50 वे स्थापना दिवस पर महादजी ऑडिटोरियल में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश को गर्व है अपने जवानों पर जो दुनिया की सबसे बडी पैरामिलट्रीफोर्स में रहकर देश की रक्षा के लिए हर कदम तत्पर तैयार रहते है ।
डॉ. प्रोफेसर ने कहा कि अकादमी के प्रशिक्षण गतिविधियां आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण एवं प्रशिक्षण संस्थान है । यह संस्थान कार्यक्षेत्र में नहीं आता है लेकिन आरजेआईटी का अध्ययनरत विद्यार्थी के लिए बहुत ही अनुकूल वातावरण है । जो हमारे देश में बहुत ही कम संस्थानों में देखने को मिलता है ।
केन्द्रीय मंत्री डॉ. रमाशंकर प्रोफेसर ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री देश की नौजवान युवा पीढी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए दुनिया के सर्व श्रेष्ट टेक्नॉलौजी 500 प्रोफेसरों का एक प्रतिनिधि मण्डल अपने देश के उच्च स्थानों में प्रत्येक अलग अलग विषयों पर युवा पीढी को शिक्षा देंगे । उन्होंने कहा कि मुझे भी लगता है कि टेकनपुर में कुछ शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की कमी है यह बात मुझे खली है, लेकिन मैं यह वायदा करता हूं कि आने वाले समय में युवा पीढी को इन संस्थानों में आधुनिक सुविधाओं की कमी नहीं आएगी, जिसके लिए हमारे प्रधानमंत्री विदेशों में पहुंचकर नई टेक्रॉलौजी युवा पीढी में पिरोहना चाहते है।
केन्द्रीय मंत्री डॉ. कटेरिया ने कहा कि आरजेटीआई संस्थान देश का सबसे बडा संस्थान है, इस प्रशिक्षण संस्था को और भी अच्छी सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि इस देश के विकास मेें मजदूर और किसान व जवान की अहम भूमिका रही है । उन्होंने कहा कि देश की सेवा के दौरान शहीद हुए सीसुबल के जवानों को नमन करता हूं । सीसुबल में कार्यरत कार्मिको के जौश और जज्बा को देखकर उन्होंने कहा कि देश सेवा कर अपने बल का नाम उंचा करने का जज्बा एक जवान में मुझे देखने को मिला ।
केन्द्रीय मंत्री ने ली स्पेशल गार्ड की सलामी……
केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री प्रोफेसर डॉ. रामशंकर कटेरिया को सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर के क्वार्टर गार्ड प्रांगण में स्पेशल गार्ड द्वारा सलामी दी गई।
केन्द्रीय मंत्री ने शहीदो को दी श्रद्धांजलि…..
केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. कटेरिया ने सलामी लेने से पहले अजेय प्रहरी शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र चढ़ाकर शहीदों को श्रद्धांजति अर्पित की। श्री कटेरिया ने सीएसएमटी एवं रूस्तमजी इन्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी का मुयायना किया व यहॉ अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से बातचीत की एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का जाएजा लिया और एक कम्प्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया।

अश्वों का देश की सुरक्षा में अहम योगदान……
केन्द्रीय मानव संसाधन उच्च शिक्षा राज्यमंत्री प्रोफेेसर डॉ. रमाशंकर कटेरिया ने अकादमी में चल रही 34 वीं अखिल भारतीय घुडसवारी प्रतियोगिता के समापन दिवस पर भारत के विभिन्न प्रांतो व केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 18 टीमों के बीच कडी स्पर्धा के रोमांचक अश्वो के खेल को देखकर हैरत अंगेज कारनामों पर प्रशन्नता जाहिर की और श्री कटेरिया ने अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मैेडल व ट्रॉफियां वितरित की। मैडल प्राप्त करने वाली टीमों के नाम निम्न हैं।
फेरियर प्रतियोगिता:-
प्रथम स्थान – एनपीए हैदराबाद टीम के राईडर शिवप्रताप
द्वितीय स्थान – बंगाल पुलिस के राईडर राजेश राम
तृतीय स्थान – राजस्थान पुलिस के राईडर मुकेश कुमार
साईसेज प्रतियोगिता
प्रथम स्थान – सीसुबल टीम के राईडर भूपेन्दर सिंह
द्वितीय स्थान – सीसुबल टीम के राईडर रंजीत सिंह
तृतीय स्थान – आईटीबीपी टीम के राईडर महिन्दर सिंह
सीमा सुरक्षा बल 50वें स्थापना दिवस के स्वर्णजयंती समारोह में केन्द्रीय मानव संसाधन एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने अकादमी स्वर्णजयंती स्मृति चिन्ह और अकादमी के बैनर का अनावरण किया। साथ ही सीसुबल अकादमी गोल्डन जुबली करटेन रेजर प्रोग्राम एवं अकादमी रेजिंग डे सरमनी के बाद सभी कार्मिकों के लिए कई रंगारंग कार्यक्रमों व सामूहिक भोज में भी शामिल हुए । जिसमें अकादमी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान शामिल थे ।
टेऊ निंग सेंटर एण्ड स्कूल के नाम से हुई स्थापना…….
सीसुबल के एडीजी शैलेन्द्र सिंह तोमर ने अकादमी के स्वर्णजयंती समारोह में उपस्थित जनसमूह के बीच अकादमी की स्थापना को लेकर बताया कि देश के अंदर सीसुबल की स्थापना से पहले ‘टेऊ निंग सेंटर एण्ड स्कूलÓ नाम से 01 फरवरी 1966 को हुई थी और 21 नवंबर 1966 को इसका नाम बदलकर ‘सीमा सुरक्षा बल अकादमीÓ रखा गया।
सीसुबल के संस्थापक थे केएफ रूष्तम जी……
एडीजी श्री तोमर ने कहा कि अकादमी के ब्रिगेडियर बी सी पाण्डे, पद्मश्री प्रथम प्रमुख थे। सीमा सुरक्षा बल के संस्थापक एवं प्रथम महानिदेशक के एफ रूस्तमजी, आई पीएस इंडियन पुलिस कैडर के प्रयासों से भारत सरकार से यह क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल को प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए चुना गया था। आरम्भ में 25 बटालियनों की जनशक्ति वाले इस बल के अधिकारियों और उप निरीक्षकों को बुनियादी एवं इन सर्विस कोर्स के प्रशिक्षण हेतु इसकी स्थापना हुई थी।
आतंकबाद नक्शलबाद सुरक्षा एवं प्रबंधन में परिपूर्ण सीसुबल……..
इस प्रशिक्षण संस्थान में सीमा सुरक्षा बल के कार्मिकों एवं अन्य केंद्रीय पुलिस संगठनों के कार्मिकों को प्रषिक्षण प्रदान किया जाता है। सीमा सुरक्षा बल अकादमी की अभिकल्पना सीमाओं की सुरक्षा, प्रबंधन, नक्सलवाद/आतंकवाद विरोधी कार्यवाहियों तथा मानव संसाधन विकास में सर्वोत्तम प्रषिक्षण संस्थान बनाना है
आधुनिक तकनीकों से परिपूर्ण है सीसुबल…..
अकादमी का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए युद्ध एवं शंति दोनों ही परिस्थितियों में एक अच्छे लीडर एवं प्रभावशाली कमांडर के रूप में कुशलतापूर्वक कार्य करने हेतु अधिकारी एवं अधीनस्थ अधिकारियों को प्रषिक्षित करना है। अकादमी में इसके अलावा बल के कार्मिकों के लिए घुड़सवारी, मोटर चालन, आपदा प्रबंधन, श्वान प्रशिक्षण कोर्स व भारत के राज्य तथा पड़ोसी देशों पुलिस बलों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। राज्य पुलिस बलों द्वारा भीड़ को नियंत्रण करने हेतु अश्रु गैस निर्माण इकाई भी यहां सुचारू रूप से संचालित है।kteriya kateriya malakateriya2